Showing posts with label ग्रहण. Show all posts
Showing posts with label ग्रहण. Show all posts

30 August 2007

कहॉ लगता हैं प्रथ्वी को ग्रहण

प्रथ्वी भी दिखती हैं आधी पूरी क्या
कहॉ लगता हैं प्रथ्वी को ग्रहण
कुछ अनकही सी...
http://ankahisi.blogspot.com/2007/08/blog-post_30.html

29 August 2007

ग्रहण

आज चाँद फिर आधा हो गया
आज फिर
एक रिश्ते को ग्रहण लगा
जो कभी देता था शीतलता
आज किसी की छाया मे आगया.

चाँद का ग्रहण तो हट जाएगा
कुछ देर में
पर रिश्ते का ग्रहण...

पिछली बार जो लगा था
अब तक नही हटा
और कितने लगेंगे
ग्रहण रिश्तों को

अब तो
रिश्ता सा हो गया है
ग्रहण से,
रोज़ लगता है
क़तरा-क़तरा