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28 July 2007

आहट

मै कल यू ही निकल पड़ा
अपने कदमो को छोड़
कि आहट ना हो,
सन्नाटा था...
कोई पास से भी गुज़रा मेरे,
पता भी ना चला,
शायद वही होगा
जिसे मै ढूडने चला था।
शायद वो भी
अपने कदम छोड़ आया होगा...

चिट्ठाजगत>