मौन जब मरजाता हैं
तो उसमें दफ्न होता हैं
एक तूफ़ान,
जो ना जाने कितने
सवाल लिए होता हैं,
या कहे जवाब लिए होता हैं
सवालों के।
ये मौन भले ही
खामोश हो,
जिंदा हो या मरा हुआ;
मौन नही होता,
अपनी भाषा में
बहुत कुछ कहता हैं
तभी तो मन
इस मौन का
हर वक़्त करता हैं
"नमन"