क़तरा-क़तरा Qatra-Qatra
कभी अजनबी सी, कभी जानी पहचानी सी, जिंदगी रोज मिलती है क़तरा-क़तरा...
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21 June 2007
शायर
कभी-कभी
लोग
अपने दर्द को
दूसरे का कहके
बयाँ कर देते हैं।
दूसरे के दर्द को
अपना कह देते हैं।
बड़े बेईमान होते हैं
ये शायर...
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