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10 September 2007

शब्दकार

शब्द गीत बनके बोल को अमर करते है
शब्द बोल बनके आवाज़ को अमर करते है,
शब्द बस जाते है दिलों मे धुन बनके.

आवाज़ शब्दों से ही जानी जाती है
शब्द गड़ने वाले खो जाते है
जैसे आवाज़ गुमनाम सी,
बोल बेमानी से,
धुन अनजान सी.

शब्दों का कोई काम्पटीसन नही होता
आवाजों का होता है प्रदर्शन
शब्द आत्मा है
शब्द नींव है
शब्द ही सहारा देते है
आवाज़ की दुनिया को

पर
आवाज़ क्या देती है
शब्दों को
शब्दकार को...

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